Thu , Aug 01 2024
चाँदनी रातों की चुप्प में छुपी है दिल की दास्तान,
जैसे चाँद की हल्की रौशनी बुनती हो प्रेम की पहचान,
सूरज की पहली किरण में, नयी सुबह की चमक बसी,
सूरजमुखी की मुस्कान में, दिल की धड़कनें सजी,
बारिश की बूँदों में बसी, अरमानों की मीठी धुन,
सपनों की इस बारिश में, दिल की हसरतें सुन।
जंगल की गहरी चुप्प में, दिल की तन्हाई का राज,
हर पेड़ की सरसराहट में, दिल की आवाज़ का साज़।
हवा की सरसराहट में बसी, दिल की सुकून भरी तान,
चाँद की चाँदनी में छुपा, पुराना दर्द की पहचान,
पत्तों की सरसराहट में, दिल की हसरत की आवाज़,
प्रकृति के हर स्वर में, प्रेम की अनकही लहर की राग।
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